प्रयागराज महाकुंभ में, १:-आवाहन अखाड़ा (शैव) २:-अटल अखाड़ा (शैव) ३:-आनंद अखाड़ा (शैव) ४:-अग्नि अखाड़ा (शैव) ५:-दिगंबर अखाड़ा (वैष्णव) ६:-निर्वाणी अखाड़ा (वैष्णव) ७:-निर्मोही अखाड़ा (वैष्णव) ८:- निर्मल अखाड़ा (सिख) ९:-बड़ा उदासीन अखाड़ा (सिख) १०:-नया उदासीन अखाड़ा (सिख) ११:-श्री पंचायती बड़ा उदासीन अखाड़ा, १२:-श्री पंचायती अखाड़ा नया उदासीन, १३:-श्री निर्मल पंचायती अखाड़ा, और ६ सम्प्रदाय, शैव सम्प्रदाय, वैष्णव सम्प्रदाय, शाक्त सम्प्रदाय, नाथ सम्प्रदाय, वैदिक सम्प्रदाय, चर्वाक सम्प्रदाय. के साधू सन्यासी, सन्त महात्मा आ रहे हैं। चार शंकराचार्य, पश्चिम पीठ (शारदा) के शंकराचार्य सदानंद सरस्वती
उत्तर पीठ (ज्योतिष) के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती
पूर्व पीठ (गोवर्धन) के शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती
दक्षिण पीठ (श्रृंगेरी) के शंकराचार्य भारती तीर्थ जी भी आ रहे हैं।
सनातन धर्म में ३ जगतगुरू हुए,१:-आदि शंकराचार्य , २:-रामानुजाचार्य , ३:-माधवाचार्य
आये चले सनातन धर्म के सनातन संस्कृति और परंपरा के साधू सन्यासियों के सन्त महात्माओं के दर्शन भी करें और उनसे आशीर्वाद लेवे।
हर हर गंगे, नमामि गंगे